Wednesday, January 21, 2026
Uttarakhand

गरीब, दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं की पीड़ा को प्राथमिकता, पेयजल से रोजगार तक मौके पर फैसले, तय समय में समाधान।

चम्पावत। जिला मुख्यालय में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाला जनता दरबार अब केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि तुरंत कार्रवाई और मानवीय संवेदना का उदाहरण बनता जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार की कार्यशैली में जहां एक ओर त्वरित निर्णय दिखाई देता है, वहीं दूसरी ओर गरीबों, दिव्यांगों, बुजुर्गों और महिलाओं के प्रति गहरी संवेदना भी झलकती है। फरियादियों के चेहरों पर मुस्कान लौटाना ही इस दरबार का मूल उद्देश्य बन गया है।कलेक्ट्रेट के समीप गांव में रहने वाली सुनीता राणा की खुशी इस जनता दरबार की सार्थकता को बयां करती है। तीन वर्षों से पेयजल के लिए भटक रहीं सुनीता को न सिर्फ खुद के लिए बल्कि अन्य 10 परिवारों के लिए भी जलापूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश जिलाधिकारी ने मौके पर ही जारी किए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद किसी भी परिवार को प्यासा नहीं रहने दिया जाएगा।

जनता दरबार में तकनीपाल गांव के 16 परिवारों को अब तक पानी न मिलने पर जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाई और तीन दिन के भीतर समाधान का अल्टीमेटम दिया। साथ ही निर्देश दिए कि एसडीएम लोहाघाट की मौजूदगी में मौके पर जाकर विवाद का निस्तारण किया जाए। डीएम मनीष कुमार ने बीपीएल सूची की पारदर्शिता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो सक्षम हैं, वे स्वयं अपने बीपीएल कार्ड सरेंडर करें, ताकि वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में पंचायती या सरकारी भवनों के निर्माण पर भी चेतावनी दी गई यदि नियमों की अनदेखी हुई तो उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। गुवाहाटी गांव के दिव्यांग रोशन राम को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए गए, वहीं डूंगर गांव के सूरज टम्टा को बीपीएल कार्ड जारी करने के आदेश हुए। रायकोट की देवकी देवी के भूमि विवाद पर एसडीएम लोहाघाट को तीन दिन में मौके पर जाकर समाधान के निर्देश दिए गए। अमौली गांव में सभी दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाकर पेंशन से जोड़ने, तथा सरकारी वाहन भेजकर पात्र लोगों के दस्तावेज मौके पर ही तैयार कराने का आदेश दिया गया।

जनता दरबार में लीड गांव से बच्चों के साथ आई विधवा जानकी देवी ने समाधान मिलने पर जिलाधिकारी का आभार जताया। यही कारण है कि जनता का भरोसा इतना बढ़ गया है कि दरबार में जगह कम पड़ने लगी है और लोग बाहर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार में निस्तारित प्रत्येक समस्या के क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। फरियादी आवश्यकता पड़ने पर फोन के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। इस अभियान में एडीएम गोस्वामी, सीएमओ डॉ. जी.एस. खड़ायत, एसडीएम सदर अनुराग आर्य, एसडीएम लोहाघाट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।



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