चारधाम यात्रा प्रबन्धन के लिए हरिद्वार में मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का लिया गया व्यापक जायजा
एनडीएमए-यूएसडीएमए के तत्वाधान में जनपद हरिद्वार के 07 स्थलों पर एक साथ किया गया मॉक अभ्यास
टीमों के प्रदर्शन की सराहना, समन्वय, संचार और निर्णय क्षमता को सशक्त बनाने पर जोर
चारधाम यात्रा-2026 के दृष्टिगत संभावित आपदाओं एवं आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शुक्रवार को जनपद हरिद्वार में व्यापक स्तर पर मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। यह मॉक अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के तत्वावधान में 07 स्थानों पर एक साथ संचालित किया गया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से सुबह 10 बजकर 05 मिनट पर विभिन्न आपदा परिदृश्यों की सूचना प्रसारित की गई।जिसमें गर्जी पौड़ी में गंगा का जल स्तर बढ़ने से यात्रियों में भगदड़ मचने से कई लोगों को गंगा में बहाने की सूचना प्राप्त हुए।शिव पुल में गंगा का जल स्तर बढ़ने से भगदड़ होने से गंगा में बहाने की सूचना प्राप्त हुई।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन लेट आने से अत्यधिक भीड़ होने भगदड़ मच गई।भीमगौड रेलवे ट्रैक पर भारी बारिश आने से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त की सूचना।अपर बाजार निकट हरकी पौड़ी और बम विस्फोट की अफ़वाह फैलने की सूचना प्राप्त हुई।पंतदीप पार्किंग में शिवपुरी देवप्रयाग के बीच भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित होने से हरिद्वार होल्डिंग एरिया पंतदीप पार्किंग में श्रद्धालु एवं वाहनों की अत्यधिक भीड़ से जाम की सूचना प्राप्त हुई। विष्णु घाट पर भारी वर्षा के कारण टिहरी बांध द्वारा अत्यधिक मात्रा में जल छोड़ने से गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना प्राप्त हुई।
जिलाधिकारी/रिस्पांसिबल ऑफिसर मयूर दीक्षित के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ लालित नारायण मिश्र ने कंट्रोल रूम की कमान संभालते हुए,सभी संबंधित आधिकारियों को तत्काल स्टेजिंग एरिया से रेस्क्यू टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुरूप टीमें त्वरित गति से घटनास्थलों पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।पहला परिदृश्य हरकी पौड़ी में गंगा जल स्तर बढ़ने के कारण यात्रियों में भगदड़ मचने से अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई,जिसमें 17 लोगों की गंगा में बहाने की सूचना प्राप्त हुई,गंगा में डूब रहे 17 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया,जिसमें 02 गंभीर घायल हुए एवं 03 आंशिक घायल हुए तथा 12 लोगों को रिलीफ सेंटर भेजे गए।
दूसरा परिदृश्य शिव पुल हरिद्वार में जल स्तर बढ़ने के कारण भगदड़ की स्थिति पैदा हुई एवं 14 लोगो गंगा में बहा गए थे उनका जल पुलिस द्वारा सफल रेस्क्यू किया गया।जिसमें 05 लोग मामूली घायलों का प्राथमिक उपचार किया गए एवं 09 लोगों की रिलीफ सेंटर भेजा गया। तीसरा परिदृश्य हरिद्वार रेलवे स्टेशन में ट्रेन लेट आने के से स्टेशन पर अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़न के कारण भगदड़ मच गई,जिसमें कई 06 श्रद्धालु घायल हो गए। जिसमें 04 गंभील घायलों को अस्पताल भेजा गया एवं 02 लोगों को रिलीफ सेंटर भेजा गया। भीम गौडा में रेलवे टनल पर भारी वर्षा होने के कारण बड़े बड़े पत्थर आने से रेलवे टैक बाधित हो गया।जिस कारण अफरातफरी मचने से 42 यात्रियों का रेस्क्यू किया गया जिसमें 20 गंभीर घायल यात्रियों को अस्पताल भेजा गया एवं मामूली घायल यात्रियों का प्राथमिक उपचार कर घर भेजा गया।

अपर बाजार निकट हरकी पौड़ी पर बम विस्फोट की अफ़वाह फैलने के कारण अचानक भारी भीड़ की आवाजाही बाधित हो गई ,जिसके कारण श्रद्धालु भय के मारे संकरी गलियों की तरफ भागने का कारण 11 लोगो को रेस्क्यू किया गया जिसमें 01 गंभीर घायल व्यक्ति को अस्पताल भेजा गया तथा 08 मामूली घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया एवं लोगों को रिलीफ सेंटर भेजा गया।
शिवपुरी और देवप्रयाग के बीच भारी वर्षा से भूस्खलन होने से मार्ग अवरूद्ध हो गया,जिससे हरिद्वार होल्डिंग एरिया पंतद्वीप पार्किंग में लगभग 10 हजार श्रद्धालु एवं अत्यधिक वाहनों के होने के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिस कारण भगदड़ मच गई,भीड़ से 07 लोगों को रेस्क्यू किया गया तथा 01 गंभीर घायल व्यक्ति को अस्पताल भेजा गया एवं 06 मामूली घायल व्यक्तियों को प्राथमिक इलाज कर घर भेज दिया गया।
विष्णु घाट हरिद्वार में भारी वर्षा के कारण टिहरी बांध बड़वार अत्यधिक जल छोड़ने से गंगा का जल स्तर में अत्यधिक वृद्धि हो गई,जिस कारण घाटों पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई तथा गंगा में 04 व्यक्तियों की बहाने की सूचना प्राप्त हुई।जिसमें टीम द्वारा 02 व्यक्तियों को रेस्क्यू कर लिया गया,जिसमें से 01 मामूली घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया तथा 01 व्यक्ति को रिलीफ सेंटर भेजा गया। मॉक अभ्यास के उपरांत इंसीडेंट कमांडरों द्वारा रेस्क्यू टीमों की ब्रीफिंग कर भविष्य में और अधिक सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान आब्जर्वरों ने अभ्यास में सामने आई कमियों को दूर करने पर विशेष बल दिया।
एनडीएमए के विशेषज्ञों ने मॉक ड्रिल को सफल बताते हुए कहा कि सभी टीमों ने अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन में निरंतर सुधार, बेहतर समन्वय, सुदृढ़ संचार व्यवस्था एवं त्वरित निर्णय क्षमता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जनपद में 07 स्थानों पर हुए मॉक ड्रिल अभ्यास में 399 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए,जिसमें राजस्व,विकास, स्वास्थ्य,विद्युत,जिला अर्थ एव सांख्य,पर्यटन,पूर्ति,पशुपालन,लोक निर्माण,परिवहन,खाद्य सुरक्षा, आपदा प्रबन्धन, पुलिस,ट्रैफिक पुलिस,फायर,पुलिस संचार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी ,सीआईएसएफ,जल पुलिस,बीईजी रुड़की,बम निरोधक दस्ता,पीआरडी स्वयंसेवक, शांतिकुंज,आपदा मित्र, एनसीसी,एनजीओ आदि शामिल रहे।
मॉक अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर के सिंह, एसपी ट्रैफिक निशा यादव,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा रावत,जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, लिफ्टनेंट कर्नल अलौकिक, सीआरपीएफ डिप्टी कमांडर आनंद सिंह,सहायक आयुक्त खाद्य महिमानंद जोशी, सीएफओ वी बी यादव सहित आर्मी, आईटीबीपी, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

