Saturday, January 31, 2026
Uttarakhand

दुर्गम सीमावर्ती मंडलक में “सरकार जनता” के द्वार शिविर, पहली बार मिला योजनाओं का सीधा लाभ।

नेपाल सीमा से लगे एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने उठाया शिविर का लाभ, 269 लाभार्थी योजनाओं से जुड़े, 88 प्रमाण पत्र मौके पर जारी।

“सरकार जनता” के द्वार कार्यक्रम के अंतिम दिन नेपाल सीमा से लगे दुर्गम एवं सीमावर्ती क्षेत्र मंडलक में भव्य जन सुविधा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मडलक, गुरेली, चामा, मजपीपल, बगोटी, लेटी, कनटुकरा, बड़म, गुड़मांगल, रोल – धौन सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने पहली बार शिविर का लाभ उठाया। भीड़ अधिक होने के कारण रामलीला मैदान में स्थान कम पड़ गया, जिस पर प्रशासन ने दो स्थानों पर शिविर लगाकर व्यवस्थाएं कीं। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का जिलाधिकारी मनीष कुमार से पहली बार सीधा संवाद हुआ। जिलाधिकारी की सादगी, सहज व्यवहार और गरीबों के प्रति संवेदनशीलता ने लोगों का दिल जीत लिया, जिससे ग्रामीण खुलकर अपनी समस्याएं रख सके। शिविर में आर्थिक तंगी से जूझ रहे विधवा, वृद्धावस्था एवं दिव्यांग पेंशन के पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से जोड़ा गया। जिलाधिकारी ने दूरस्थ क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को देखते हुए शिविर में ही 88 विभिन्न प्रमाण पत्र जारी किए तथा 269 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया।

ग्रामीणों ने पेयजल, चमलेश्वर लिफ्ट पेयजल योजना, एलोपैथिक चिकित्सालय, नेटवर्क कनेक्टिविटी, खेल मैदान, पीएम आवास, एटीएम सुविधा, जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा तथा जीआईसी तक सड़क मार्ग निर्माण जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिविर में आयुर्वेदिक, एलोपैथिक व होम्योपैथिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली। जिलाधिकारी ने कई जरूरतमंद गरीबों को कंबल ओढ़ाकर ठंड से राहत भी प्रदान की। नोडल अधिकारी एवं जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्रलाल शाह ने बताया कि शिविर में 106 लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं, जिनमें से 67 का तत्काल निस्तारण किया गया। शेष मामलों के समाधान के लिए जिलाधिकारी द्वारा समयबद्ध लक्ष्मण रेखा तय की गई।

शिविर के संचालन में सामाजिक कार्यकर्ता वासुदेव, महेश जोशी, ग्राम प्रधान भावना जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुशीला देवी सहित जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय सहयोग किया। वहीं सीडीओ डॉ जीएस खाती, एसडीएम नीतेश डांगर , सीएमओ धनपत कुमार, सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट, लोनिवि के ईई हितेश कांडपाल, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेंक सहित दो दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारियों ने स्टाल लगाकर समस्याओं के निस्तारण में योगदान दिया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों से कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के सीधे-साधे लोगों की सेवा ही असली नारायण सेवा है। यदि अधिकारी गंभीरता से समस्याओं का समाधान करें तो ग्रामीणों को बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शिविर का निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

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