Tuesday, February 24, 2026
Uttarakhand

पूर्णागिरि धाम यात्रा को लेकर डीएम का पैदल रात्रि निरीक्षण, सुरक्षा से स्वच्छता तक दिए सख्त निर्देश।

संजू पुरोहित संपादक

आगामी 27 फरवरी से प्रारम्भ होने वाली उत्तर भारत की सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि धाम यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मेहमान की तरह स्वागत करने के लिए यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए पूर्णागिरि यात्रा मार्ग का पैदल एवं रात्रिकालीन स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत एवं आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्थाओं को गंभीरता से परखा और संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यात्रा मार्ग पर मुंडन करने वाले संचालकों के लिए अधिकतम शुल्क ₹150 निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्धारित दर से अधिक वसूली पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जल निगम को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग, प्रमुख पड़ावों एवं शिविर स्थलों पर समुचित पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था समय से पूर्व सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर टैंकर एवं पाइपलाइन व्यवस्था को सक्रिय रखा जाए। जल संस्थान को पर्याप्त संख्या में अस्थायी व स्थायी शौचालय स्थापित कर उनकी नियमित सफाई एवं जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।

लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर टाइल्स एवं फर्श की मरम्मत शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर मजबूत बैरिकेटिंग लगाने तथा मार्गों को सुव्यवस्थित ढंग से चिन्हित करने को कहा गया। विद्युत विभाग को सम्पूर्ण यात्रा क्षेत्र में बिजली के तारों का सुरक्षा ऑडिट कराने, जर्जर एवं ढीले तारों को तत्काल बदलने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान चिन्हित अंधेरे स्थलों पर अतिरिक्त लाइट लगाने को कहा गया। दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपना सामान सड़क अथवा यात्रा मार्ग पर बाहर न रखें।

प्रत्येक दुकान में कम से कम एक फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य रूप से रखा जाए। दुकानों एवं यात्रा मार्ग में लगी जालियों की वेल्डिंग मजबूत करने, गुटखा एवं प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित करने तथा उल्लंघन की स्थिति में तत्काल चालान काटते हुए विधिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को 27 फरवरी से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने तथा प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि धाम यात्रा आस्था का प्रमुख आयोजन है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित पुलिस, जल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



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