वित्त सचिव डॉ. वी. षणमुगम और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बनचौरा में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
बनचौरा/उत्तरकाशी। सीमांत जनपद उत्तरकाशी की दूरस्थ न्याय पंचायतों तक सरकार की सीधी पहुंच का सशक्त उदाहरण सोमवार को न्याय पंचायत धारकोट के बनचौरा में देखने को मिला, जहां “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 1400 से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी रही। राजकीय इंटर कॉलेज बनचौरा में आयोजित इस शिविर में उत्तराखंड शासन के वित्त सचिव डॉ. वी. षणमुगम की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की उपस्थिति में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और बड़ी संख्या में शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन अब दफ्तरों तक सीमित न रहकर सीधे गांवों तक पहुंच रहा है।
विकासखंड चिन्यालीसौड़ की इस न्याय पंचायत में आयोजित शिविर का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना रहा। शिविर के दौरान क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 60 शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें से 47 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों द्वारा बनचौरा में पार्किंग सुविधा विकसित करने की मांग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी और प्रसव केंद्र शुरू न होने, काथराबाग तोक में पेयजल समस्या, राशन कार्ड में अनियमितता, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी भवन निर्माण, घरों के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन को शिफ्ट करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जिन पर वित्त सचिव और जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
शिविर के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को उनके गांव में ही उपलब्ध कराया गया। राजस्व विभाग द्वारा जाति, स्थायी, आय और हिस्सा प्रमाण पत्र सहित 47 प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्राम्य विकास विभाग ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना सहित विभिन्न योजनाओं में लोगों को लाभान्वित किया। पंचायतीराज विभाग ने परिवार रजिस्टर, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए। कृषि विभाग ने छोटे कृषि यंत्र और कृषि रसायन वितरित किए तथा किसान सम्मान निधि के आवेदन कराए। उद्यान विभाग द्वारा उद्यान कार्ड वितरित किए गए। बैंकिंग, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता, स्वास्थ्य, विद्युत और सेवायोजन विभागों द्वारा भी बड़ी संख्या में लोगों को योजनाओं की जानकारी और सीधा लाभ दिया गया।
वित्त सचिव डॉ. वी. षणमुगम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ प्रशासन गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि इस अभियान से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि उन्हें अब प्रमाण पत्र, पेंशन और अन्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
शिविर में दर्जाधारी राज्यमंत्री गीता राम गौड़, राम सुंदर नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह महंत, जिला पंचायत सदस्य दीपेंद्र कोहली, सरिता देवी, मंडल अध्यक्ष मनीष कुकरेती, समन्वयक शीशपाल रमोला, सुभाष नौटियाल, ग्राम प्रधान किरण देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य करिश्मा देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। बनचौरा में आयोजित यह शिविर न केवल प्रशासन और जनता के बीच दूरी को कम करने वाला साबित हुआ, बल्कि सरकार के जनहितकारी अभियानों की प्रभावशीलता को भी मजबूती से रेखांकित कर गया।

