विद्यालयी शिक्षा विभाग की आउटसोर्स भर्ती ने खोली बेरोजगारी की हकीकत – डिग्रीधारी युवा भी आठवीं पास की नौकरी के लिए मजबूर
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों और कार्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन पदों के लिए आवेदन रोजगार प्रयाग पोर्टल के जरिए 5 मार्च 2026 तक किए जा सकते हैं। यह राज्य स्तरीय भर्ती है, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है। लेकिन इस भर्ती ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी की कड़वी सच्चाई को भी उजागर कर दिया है। पदों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता केवल आठवीं पास निर्धारित की गई है, परंतु हालात ऐसे हैं कि एमए, बीएड, एमकॉम और अन्य उच्च शिक्षित बेरोजगार युवा भी इन पदों के लिए आवेदन करने को विवश हैं।
प्रदेश में लंबे समय से नियमित भर्तियां न निकलने और सरकारी नौकरियों की सीमित संख्या के कारण उच्च शिक्षित युवाओं के सामने रोज़गार का संकट गहराता जा रहा है। परिणामस्वरूप, बड़ी डिग्रियां रखने वाले युवा भी चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाने के लिए प्रतिस्पर्धा में उतर रहे हैं। यह स्थिति केवल एक भर्ती नहीं, बल्कि राज्य में रोजगार व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्या उच्च शिक्षा का स्तर युवाओं को बेहतर अवसर दिलाने में सक्षम है? या फिर बेरोजगारी की मार ने डिग्रियों की चमक फीकी कर दी है?
प्रदेश के कई जिलों से युवाओं का कहना है कि “डिग्री लेने के बाद भी यदि आठवीं पास की नौकरी के लिए आवेदन करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है।” फिलहाल आवेदन प्रक्रिया जारी है और अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित है। अब देखना होगा कि इस भर्ती में कितने उच्च शिक्षित युवा अपनी किस्मत आजमाते हैं और सरकार भविष्य में रोजगार सृजन के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

