सेतु आयोग द्वारा शुरू किए गए नवाचारों को उतारा जाने लगा जमीन पर पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए होंगे ठोस प्रयास।
‘सरपंच संवाद’ पहल से ग्राम प्रधानों की क्षमता और जवाबदेही होगी मजबूत।
चम्पावत। उत्तराखंड में पंचायत राज व्यवस्था को अधिक सशक्त, प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी द्वारा अपने पद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद उत्तराखंड के समग्र विकास हेतु नवाचारो में किए गए प्रयासों की महत्वपूर्ण पहल अब जमीनी रूप लेने जा रही है। विगत दिवस देहरादून में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया नीति आयोग (सेतु आयोग) और उत्तराखंड सरकार के पंचायत राज विभाग के बीच ‘सरपंच संवाद’ पहल को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य की पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों, विशेष रूप से ग्राम प्रधानों की कार्यक्षमता बढ़ाना और पंचायतों की आय संवर्धन के लिए नए अवसर विकसित करना है।
‘सरपंच संवाद’ के तहत ग्राम प्रधानों को एक ऐसा मंच मिलेगा, जहां वे आपसी सीख (पीयर लर्निंग), अनुभव साझा करने और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से अपने कौशल का विकास कर सकेंगे। कार्यक्रम से स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर नियोजन, प्रभावी क्रियान्वयन और सशक्त निगरानी को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने पंचायत राज विभाग के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर क्यूसीआई के बोर्ड सदस्य एवं पूर्व सरपंच हिमांशु पटेल ने जमीनी स्तर के नेतृत्व को मजबूत करने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में पंचायत राज निदेशक निधि यादव, उपनिदेशक मनोज कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे
