Tuesday, January 20, 2026
Uttarakhand

विद्यालय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, मानव–वन्यजीव संघर्ष और सड़क सुरक्षा पर मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण।

लोहाघाट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) लोहाघाट में आयोजित चार दिवसीय बाल आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यशाला का आज सफल समापन हो गया। कार्यशाला के समापन अवसर पर संयोजक डाइट के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं प्रभारी प्राचार्य दिनेश खेतवाल ने प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यशाला का संचालन प्रवक्ता कृष्ण सिंह ऐरी तथा डॉ. एल.एस. यादव द्वारा किया गया। इस दौरान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020, विद्यालय सुरक्षा के संदर्भ में आपदा की समझ, डिजास्टर मैनेजमेंट, विद्यालयी परिप्रेक्ष्य में आपदा का बच्चों पर प्रभाव, मानव–वन्यजीव संघर्ष, सड़क सुरक्षा, मादक पदार्थों एवं नशे के दुष्प्रभाव तथा विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत व्याख्यान दिए गए।

वन विभाग के अधिकारियों अजय दीप टम्टा, रोहित मेहता, हिमांशु ढेक, मोनिका बोहरा एवं राखी जोशी ने मानव–वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी सावधानियों एवं बचाव उपायों पर पीपीटी के माध्यम से प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण दिया। वर्तमान समय में क्षेत्र में बढ़ रही गुलदार की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वहीं यातायात निरीक्षक हयात सिंह अधिकारी एवं उनकी टीम ने सड़क सुरक्षा विषय पर व्यावहारिक जानकारी देते हुए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यशाला के सफल आयोजन में प्रभारी प्राचार्य डी.एस. खेतवाल, प्रवक्ता कृष्ण सिंह ऐरी, मनोज भाकुनी, डॉ. अनिल मिश्रा, अविनाश शर्मा, दीपक सोराड़ी, नवीन उपाध्याय, पारुल शर्मा सहित अन्य स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। समापन अवसर पर प्रभारी प्राचार्य दिनेश खेतवाल ने प्रतिभागियों से अपील की कि कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को विद्यालयों में विद्यार्थियों तक अवश्य पहुंचाएं, ताकि बच्चों में आपदा के प्रति जागरूकता और सुरक्षा की समझ विकसित हो सके। कार्यशाला में बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के कुल 25 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।



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