Saturday, April 18, 2026
Uttarakhand

हरिद्वार के श्मशान घाटों का होगा कायाकल्प, गैस आधारित शवदाह गृहों को मिली हरी झंडी

आगामी कुंभ मेला 2027 को भव्य और व्यवस्थित बनाने की दिशा में मेला प्रशासन ने अब श्मशान घाटों के आधुनिकीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया है। सीसीआर भवन में अपर मेला अधिकारी दयानन्द की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कनखल और खड़खड़ी स्थित श्मशान घाटों के सुधार हेतु कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान अपर मेला अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुंभ नगरी के सौंदर्यीकरण और गंगा की निर्मलता को अक्षुण्ण रखने के लिए श्मशान घाटों पर पर्यावरण संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा खड़खड़ी और कनखल में गैस आधारित शवदाह गृहों की स्थापना के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है, जिसकी औपचारिक स्वीकृति जल्द ही अपेक्षित है। योजना के अंतर्गत खड़खड़ी श्मशान घाट पर चिमनियों की ऊंचाई बढ़ाने, शवदाह प्लेटफार्मों के आधुनिकीकरण और नए प्रतीक्षालय के निर्माण पर सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, दोनों प्रमुख घाटों पर सुरक्षा प्रबंध, सुचारू जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और घेराबंदी जैसे बुनियादी कार्यों को कुंभ मेला मद से पूर्ण किया जाएगा।

अपर मेला अधिकारी ने सेवा समितियों के सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि मोक्ष नगरी हरिद्वार में अंतिम संस्कार हेतु आने वाले परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में खड़खड़ी सेवा समिति के अध्यक्ष जगत सिंह, कनखल समिति के महामंत्री रामकुमार मिश्रा सहित सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल को पर्यावरण रक्षा और जनसुविधाओं के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।



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