Saturday, February 14, 2026
Uttarakhand

कम से कम तीन सप्ताह का बजट सत्र बुलाने और प्रश्नकाल सुनिश्चित करने की उठी जोरदार मांग

संजू पुरोहित सम्पादक

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजते हुए आगामी विधानसभा बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की। कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड में बहुत कम समय के लिए विधानसभा सत्र आहूत किए जाते हैं, जिससे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में समुचित चर्चा नहीं हो पाती। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रदेश के 70 विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े प्रश्नों को सदन में उठाना चाहते हैं, लेकिन सीमित अवधि के कारण उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिलता। कांग्रेस का कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में सत्रों की अवधि कम रहने से राज्य की ज्वलंत समस्याएं प्रभावी ढंग से सामने नहीं आ पातीं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। वन्य जीवों के हमलों से विभिन्न क्षेत्रों में मानवीय क्षति हुई है। “हर घर नल” योजना के बावजूद कई क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है। पिछले वर्ष आई आपदाओं के बाद भी कई प्रभावित परिवार पुनर्वास और मुआवजे की प्रतीक्षा में हैं। साथ ही, सरकारी जमीनों की नीलामी के निर्णय पर भी सवाल उठाए गए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री के पास लगभग 40 विभाग हैं, जो अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बावजूद इसके, पिछली चतुर्थ विधानसभा और वर्तमान पंचम विधानसभा के सत्रों में प्रश्नकाल प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जनता के अधिकारों और समस्याओं पर उठे सवालों का जवाब देने में सरकार असहज दिखाई देती है।

पार्टी ने मांग की कि प्रस्तावित बजट सत्र में प्रत्येक सोमवार प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्य सुनिश्चित किए जाएं तथा कम से कम तीन सोमवार मुख्यमंत्री स्वयं अपने विभागों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर दें। कांग्रेस ने कहा कि सरकार बार-बार विधायी कार्यों की कमी का हवाला देती है, जबकि राज्य में अब भी कई कानून और नियमावलियां उत्तर प्रदेश काल की लागू हैं, जिन्हें उत्तराखंड की परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया गया, जिसमें पंचायती राज अधिनियम पर सुधार की आवश्यकता जताई गई थी।

कांग्रेस का आरोप है कि इतनी गंभीर टिप्पणी के बावजूद अब तक अधिनियम में अपेक्षित संशोधन नहीं किए गए। पार्टी ने कहा कि पंचम विधानसभा के वर्तमान कार्यकाल में सार्थक विधायी कार्यों का अभाव रहा है, इसलिए बचे हुए समय में महत्वपूर्ण अधिनियमों और नियमावलियों में सुधार किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, महिलाओं पर बढ़ते उत्पीड़न, अपराध, वन्य जीवों से मानव हानि और सरकारी भूमि के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर सदन में व्यापक चर्चा की मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि इन सभी प्रश्नों के समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य विधानसभा का बजट सत्र कम से कम तीन सप्ताह की अवधि के लिए आहूत किया जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में मनीष महर, नाथ सिंह, प्रमोद बड़ेला, अंशु अधिकारी, दीप रैंशवाल, उमेश शर्मा, संजय कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



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