जिला मुख्यालय में प्रदर्शन, नारेबाजी कर मुख्यमंत्री व बाल विकास मंत्री को भेजा ज्ञापन
संजू पुरोहित सम्पादक
अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों एवं सेविकाओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटीं कार्यकर्तियों ने जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्तियों ने कहा कि वे वर्षों से मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण अभियान, टीकाकरण, सर्वे कार्य और विभिन्न सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उन्हें कार्य के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
महंगाई के इस दौर में वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर अनुराग आर्य के माध्यम से मुख्यमंत्री और बाल विकास मंत्री को अलग-अलग ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मानदेय में महंगाई के अनुरूप वृद्धि करने की मांग की गई। साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति से मुक्त करने तथा सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति में वरिष्ठता का ध्यान रखने की बात कही गई।
कार्यकर्तियों ने 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर एक लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देने, सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने और पेंशन सुविधा लागू करने की मांग भी उठाई। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन किराए में वृद्धि कर भुगतान सीधे खातों में जमा करने, मोबाइल रिचार्ज मद में बढ़ोतरी करने तथा अन्य विभागों का अतिरिक्त कार्य लेने पर अलग से मानदेय देने की मांग की गई।
ज्ञापन में नंदा गौरा योजना का लाभ आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को भी देने तथा वर्ष 2022 में गर्भवती आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को पीएमएमवीवाई का लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग शामिल रही। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश महामंत्री विमला पनेरु, प्रदेश संगठन मंत्री गोविंदी मेहता, जिला अध्यक्ष मीना बोहरा, महामंत्री हेमंत थ्वाल, उपाध्यक्ष पुष्पा बोरा, कोषाध्यक्ष नीरू बिष्ट, लोहाघाट की ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत, बाराकोट की ब्लॉक अध्यक्ष दमयंती वर्मा, पाटी की ब्लॉक अध्यक्ष बबीता गहतोड़ी तथा चंपावत की ब्लॉक अध्यक्ष दीपा पांडे सहित कई कार्यकर्तियां मौजूद रहीं।
कार्यकर्तियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

