Sunday, February 8, 2026
Uttarakhand

धनंजय गिरी प्रकरण में विवेचक निलंबित, पीड़ितों को धन वापसी हेतु एसआईटी सक्रिय

भूमि से संबंधित समस्त प्रकरणों की प्रभावी एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने हेतु शासन स्तर पर लैंड फ्रॉड समिति का गठन किया गया है, जो गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के आयुक्तों के अधीन कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त, कुमाऊँ परिक्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच हेतु पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है।

पूर्व में कुछ जनपदों द्वारा अपने स्तर पर एसआईटी का गठन किया गया था, जो कि अनुचित पाया गया। इन जिला स्तरीय एसआईटी में कतिपय पुलिस कर्मियों की संलिप्तता संबंधी शिकायतें समय-समय पर प्राप्त होने के दृष्टिगत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ द्वारा कुमाऊँ परिक्षेत्र के सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को जिला स्तर पर गठित समस्त एसआईटी को तत्काल प्रभाव से भंग करने के आदेश जारी किए गए हैं।

अब इस प्रकार का कोई भी मामला प्रकाश में आने पर उसकी प्रारंभिक जांच संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा की जाएगी तत्पश्चात अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

धनंजय गिरी प्रकरण

पिछले दो माह के दौरान अभियुक्त धनंजय गिरी से संबंधित कई पीड़ितों द्वारा पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र कार्यालय में लिखित शिकायतें प्रेषित की गईं तथा स्वयं उपस्थित होकर भी अपनी शिकायतें दर्ज कराई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज कार्यालय द्वारा अभियुक्त धनंजय गिरी के विरुद्ध प्राप्त समस्त शिकायतों, पंजीकृत एफआईआर एवं शिकायतकर्ताओं की विस्तृत सूची तैयार की गई

अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित संपत्तियों का पूर्ण विवरण संकलित किया गया

विवेचक को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रकरण में शीघ्र एवं प्रभावी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे पीड़ितों को उनका धन एवं न्याय दिलाया जा सके।
विवेचक की मिलीभगत एवं कर्तव्य में लापरवाही के फलस्वरूप अभियुक्त को बचने का अवसर दिए जाने के कारण उ0नि0 अनिल कुमार, चौकी भोटियापड़ाव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पीड़ितों को धन वापसी—एसआईटी का प्रमुख उद्देश्य

इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ द्वारा पूर्व में गठित परिक्षेत्रीय एसआईटी को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एसआईटी का मुख्य उद्देश्य यह है कि अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित धन को नए कानून बीएनएसएस की धारा 107 के अंतर्गत, न्यायालय के माध्यम से पीड़ितों को उनके निर्धारित प्रतिशत के अनुसार वापस दिलाया जा सके।

पीड़ितों से अपील

कुमाऊँ पुलिस अपील करती है कि जिन पीड़ितों के प्रार्थना पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हो पाए हैं, अथवा जिनके साथ अभियुक्त धनंजय गिरी या उसके सहयोगियों द्वारा धोखाधड़ी की गई है, वे अपनी शिकायत परिक्षेत्रीय मोबाइल नंबर: 9411110057 पर कर सकते है।

एसआईटी प्रभारी, मनोज कत्याल, पुलिस अधीक्षक (नगर), हल्द्वानी को उपलब्ध कराएं, जिससे पीड़ितों को उनका धन वापस दिलाने की कार्यवाही की जा सके।

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