पत्रकार पर हमला करने वालों को छोड़ना पीड़ित के साथ अन्याय
देहरादून। नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे उत्तराखण्ड) ने देहरादून के वरि0 पत्रकार हेम भट्ट पर हमला करने वालों को छोड़ दिये जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पीड़ित के साथ अन्याय और कानून के साथ भद्दा मजाक बताया है।
यूनियन के सरंक्षक एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने पुलिस महानिदेश को भेजे पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कहा है कि 6 फरवरी, 2026 की शाम करीब 5.50 बजे देहरादून के हरिद्वार बाईपास रोड, शांति विहार निवासी वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट पर राह चलते जानलेवा हमला हुआ था। जिसमें आरोपी मोहम्मद कैफ और मोहम्मद ताबिश को पूछताछ के बाद पुलिस द्वारा थाने से ही जमानत पर छोड़ने की बात सामने आ रही है। इससे राज्यभर के पत्रकारों में गहरी नाराजगी औ आक्रोश है। श्री भट्ट ने पुलिस महानिदेशक को लिखें पत्र में कहा है कि हमले के अरोपियों को चंद घंटे बार ही छोड़ देना, पीड़ित के साथ अन्याय और कानून के साथ भद्दा मजाक है।
त्रिलोक चन्द्र भट्ट के अनुसार पुलिस इस हमले को रोड रेज करार दे रही है। लेकिन जिन दो हमलावरों को पकड़ा गया, उनके बारे में भी न तो पीड़ित को कोई जानकारी दी गई है और न ही आरोपियों की शिनाख्त कराई गई। जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि वे हमलावर थे या कोई और हैं? श्री भट्ट ने कहा है कि घटना से संबंधित सीसी फुटेज भी पुलिस द्वारा अब तक जारी नहीं किये गये हैं। जिससे कई तरह की शंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। अभी तक पीड़ित का पक्ष भी नहीं सुना गया है। उन्होंने कहा है कि राजधानी देहरादून जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर में इस तरह की घटना का होना और जिस तरह आरोपियों का छोड़ा गया है वह पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

