Wednesday, February 4, 2026
Uttarakhand

शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने पर भड़के कांग्रेस नेता, बोले— यह लोकतंत्र नहीं तानाशाही है।

मनरेगा योजना के स्वरूप से छेड़छाड़ के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही जबरन रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्वयं जिलाध्यक्ष फर्त्याल पुलिस से भिड़ भी गए। प्रदर्शन में शामिल पूर्व विधायक हिमेश खर्कवाल और पूर्व दर्जा राज्य मंत्री निर्मला गहतोड़ी ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक जुलूस को रोकना भाजपा सरकार की तानाशाही मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार देने वाली मनरेगा योजना को कमजोर कर गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता से उसका हक छीना जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय बजट को भी गरीब विरोधी और जनविरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर जनता को ठगने का काम कर रही है। उनका कहना था कि बजट में आम आदमी को कोई राहत नहीं दी गई और अब मनरेगा जैसे योजनाओं को बदलकर सरकार मजदूरों की रोजी-रोटी पर सीधा वार कर रही है। प्रदर्शन में खीम सिंह, लोकेश पांडे, विमल पांडे, जीवन बिष्ट, अभिषेक, नीरज वर्मा, संजय कुमार, उमेश शर्मा ‘नन्नू’, मनीष महार, दीपक रंसवाल सहित चार दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। हालात को संभालने के लिए एसडीएम सदर अनुराग आर्या भी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के साथ की जा रही छेड़छाड़ बंद नहीं हुई तो जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।



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