Monday, October 12, 2026
Uttarakhand

भूमि को राज्य सरकार में समाहित करने की मांग की

भूमि को राज्य सरकार में समाहित करने की मांग की
हरिद्वारर। आवासीय परियोजना के लिए रोशनाबाद सिडकुल में दी गयी शेष बची भूमि को राज्य सरकार में समाहित करने की मांग कर रहे ग्रामीण राजेश कुमार के समर्थन में प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस नेता वरूण बालियान व मुरली मनोहर ने कहा कि सरकार द्वारा तय की गयी शर्त के अनुसार आवासीय परियोजना के लिए दी गयी भूमि पर दो वर्ष के अंदर निर्माण कार्य पूरा किया जाना था। समय सीमा पूरी होने के बाद शेष बची 135 बीघा भूमि राज्य सरकार में समाहित किए जाने के लिए राजेश कुमार लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सभी संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यदि लगता है कि राजेश कुमार की शिकायत निराधार है तो उसे खारिज कर दे और निर्माण कर रही संबंधित कंपनी के पक्ष में आदेश कर दे। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है और पूरा मामला लंबे समय से अटका हुआ है। वरूण बालियान और मुरली मनोहर ने कहा कि प्रशासन को नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए मामले का निस्तारण करना चाहिए। रूहालकी किशनपुर निवासी राजेश कुमार ने कहा कि निर्धारित शर्त के अनुसार कंपनी को निर्माण के लिए दी गयी समय सीमा पूरी होने के बाद शेष बची 135 बीघा भूमि राज्य सरकार में समाहित की जानी चाहिए। लेकिन कंपनी द्वारा नियमों का उल्लंघन कर भूमि पर प्लाटिंग और रजिस्ट्री की जा रही है। 135 बीघा भूमि को बचाने और राज्य सरकार में समाहित करने की मांग को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन को इस संबंध में शीघ्रता से कार्रवाई करनी चाहिए और भूमि को सरकार में समाहित करना चाहिए।


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