गिरिजा शंकर जोशी का असामयिक निधन प्रशासनिक और पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति
–त्रिलोक चंद्र भट्ट
नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी का आज आकस्मिक निधन हो गया है. यह खबर सुन प्रशासनिक और पत्रिकारिता जगत का हर व्यक्ति हतप्रभ है।
मिली जानकारी के अनुसार आज शनिवार की सुबह ही एक कार्यक्रम का प्रेस नोट उनके नंबर से जारी हुआ था। थोड़ी देर में उनके निधन की सूचना आ गई। बताया जा रहा है कि हृदयगति रुक जाने से उनका निधन हो गया।
उनके असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है । महानिदेशक (सूचना) बंशीधर तिवारी ने भी जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
गिरिजा शंकर जोशी जी का प्रशासनिक कार्यकाल सूचना एवं लोक संपर्क विभाग (DIPR), उत्तराखंड में बेहद सराहनीय और सक्रिय रहा है। उन्होंने राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों में जिला सूचना अधिकारी (DIO) के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
- गिरिजा शंकर जोशी जी ने उत्तराखंड के कई सीमांत और महत्वपूर्ण जिलों में जिला सूचना अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। वे पिथौरागढ़ और चम्पावत जैसे जिलों में लंबे समय तक तैनात रहे।
- हल्द्वानी मीडिया सेंटर का अतिरिक्त प्रभार: सितंबर 2024 में, चम्पावत में तैनाती के दौरान, उनकी प्रशासनिक कुशलता को देखते हुए उन्हें कुमाऊं संभाग के सबसे बड़े हल्द्वानी मीडिया सेंटर के प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
- नैनीताल में हालिया तैनाती: फरवरी 2025 में उनका स्थानांतरण चम्पावत से नैनीताल जिले में जिला सूचना अधिकारी (DIO) के पद पर हुआ था। तब से वे लगातार नैनीताल में ही अपनी सेवाएं दे रहे थे।
- सराहनीय कार्यशैली: अपने पूरे कार्यकाल के दौरान वे शासन-प्रशासन और स्थानीय मीडिया के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करते रहे। चम्पावत से विदाई के समय भी पत्रकारों और विभागीय सहयोगियों ने उनके ससौम्य व्यवहार, कुशल संचालन और उत्कृष्ट कार्यकाल की जमकर सराहना की थी।

