Sunday, September 13, 2026
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स्वच्छ हरिद्वार, सांझी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत तरुण हिमालय इंटर कॉलेज में वेस्ट मैनेजमेंट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

विद्यालय को मिलेगी कंपोस्टिंग मशीन

हरिद्वार, 11 सितंबर। हरिद्वार नगर निगम के तत्वावधान और सहयोगी स्वयंसेवी संस्था (NGO) के समन्वय से आज शिक्षा मंदिर तरुण हिमालय इंटर कॉलेज में ‘कूड़ा निस्तारण एवं वेस्ट मैनेजमेंट जागरूकता कार्यक्रम’ का शानदार आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम हरिद्वार को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे जन-आंदोलन “स्वच्छ हरिद्वार, सांझी जिम्मेदारी” का एक अहम हिस्सा है।

कूड़े के सही वर्गीकरण (सोर्स सेग्रेगेशन) पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान सहयोगी संस्था के प्रशिक्षकों ने छात्र-छात्राओं, अध्यापक-अध्यापिकाओं और कर्मचारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अपशिष्ट पदार्थों के उचित रीसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) के संबंध में विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से समझाया कि विद्यालय और घरों के आसपास से निकलने वाले सूखे व गीले ठोस अपशिष्ट को किस प्रकार अलग-अलग डिब्बों में एकत्रित किया जाना चाहिए। प्रशिक्षकों ने बताया कि सही समय और सही स्थान (सोर्स) पर कूड़े का वर्गीकरण करने से उसका उचित, सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण बेहद आसानी से संभव हो पाता है।

विद्यालय को मिलेगी कंपोस्टिंग मशीन; जैविक कूड़े से बनेगी खाद
इस जागरूकता अभियान के तहत संस्था की ओर से विद्यालय को एक विशेष कंपोस्टिंग मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया। इस मशीन के माध्यम से विद्यालय परिसर से निकलने वाले दैनिक ठोस अपशिष्ट और जैविक (गीले) कूड़े को प्रोसेस करके उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जा सकेगी। इससे न केवल स्कूल के कूड़े का शत-प्रतिशत उपयोगी और पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन सुनिश्चित होगा, बल्कि इस तैयार खाद का उपयोग विद्यालय परिसर की हरियाली और पेड़-पौधों को पोषण देने के लिए किया जाएगा।

“स्वच्छ हरिद्वार, सांझी जिम्मेदारी” केवल सरकारी काम नहीं, जन-आंदोलन है
यह पूरी पहल Swachh Bharat Mission (Urban) के तहत संवाद, संवेदनशीलता और सहभागिता के माध्यम से नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से काम कर रही है। इस अभियान में टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। अभियान का मुख्य संदेश यह है कि पवित्र धार्मिक नगरी हरिद्वार और जीवनदायिनी मां गंगा की निर्मलता बनाए रखना केवल सरकार या नगर निगम का काम नहीं है, बल्कि यह यहां के स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, साधु-संतों, शिक्षण संस्थानों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी (सांझी जिम्मेदारी) है।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
इस जागरूकता अभियान में एनजीओ टीम के साथ-साथ विद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारीगण और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने इस सफल और ज्ञानवर्धक आयोजन के लिए नगर निगम और सहयोगी एनजीओ के सभी सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा सभी ने हरिद्वार को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।

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