छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य ‘जाणता राजा’
छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य ‘जाणता राजा’
परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य
गाज़ियाबाद में 22 से 28 अक्टूबर तक होगा भव्य महानाट्य का आयोजन राष्ट्रचेतना, स्वराज्य और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का स्मरण
माननीय पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पद्म भूषण श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, महामण्डलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी और विभिन्न विशिष्ट अतिथियों, विभूतियों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
अद्वितीय शौर्य और वीरता की प्रतीक वीरांगना कित्तूर की रानी चेन्नम्मा को उनकी जयंती पर परमार्थ निकेतन से नमन
ऋषिकेश/गाज़ियाबाद, 23 अक्टूबर 2026। छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, सुशासन और स्वराज्य के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से दिव्य प्रेम सेवा मिशन न्यास द्वारा गाज़ियाबाद में भव्य महानाट्य ‘जाणता राजा’ का आयोजन किया गया। आज, 23 अक्टूबर को परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित है। माननीय पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पद्म भूषण श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, महामण्डलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी और विभिन्न विशिष्ट अतिथियों, विभूतियों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
पद्मविभूषण बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा लिखित एवं निर्देशित यह महानाट्य छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरणादायी जीवन और उनके राष्ट्रनिर्माण के आदर्शों को मंच पर जीवंत करता है। शिवाजी महाराज का जीवन हमें संदेश देता है कि स्वराज्य अर्थात् राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सांस्कृतिक अस्मिता, धर्म-संरक्षण, न्यायपूर्ण शासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण भी है।

श्री आशीष जी के नेतृत्व में दिव्य प्रेम सेवा मिशन पिछले लगभग 30 वर्षों से हरिद्वार में कुष्ठ रोग से प्रभावित, अनाथ, असहाय और निराश्रित लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन से जुड़े अनेक सेवा-प्रकल्प निःशुल्क संचालित कर रहा है। सेवा कार्यों के विस्तार तथा उत्तर प्रदेश के जनमानस में राष्ट्रचेतना जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित यह महानाट्य भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य शौर्य, दूरदर्शी नेतृत्व और स्वराज्य के संकल्प की गौरवगाथा को जीवंत करता भव्य ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय का सजीव चित्रण है।यह महानाट्य दर्शकों को शिवाजी महाराज के युग की प्रेरणादायी यात्रा पर ले जाता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक, दूरदर्शी राष्ट्रनायक और लोककल्याणकारी शासक भी थे। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में अदम्य साहस, नीति, शौर्य और आत्मविश्वास के बल पर स्वराज्य की स्थापना की। उनकी शासन-व्यवस्था न्याय, सुशासन, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव के आदर्शों से प्रेरित थी। उनके लिए सत्ता नहीं, जनसेवा सर्वाेपरि थी। ‘जाणता राजा’ स्वराज्य, राष्ट्रधर्म, संस्कृति और आत्मगौरव की चेतना जागृत करने वाला एक महान सांस्कृतिक अनुभव है, जो आज की पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।
छत्रपति शिवाजी महाराज युवाओं के लिए साहस, नेतृत्व, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा है। उनका व्यक्तित्व संदेश देता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, दूरदृष्टि और जनकल्याण की भावना से इतिहास की दिशा बदली जा सकती है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध भी कराते हैं।
अद्वितीय शौर्य और वीरता की प्रतीक वीरांगना कित्तूर की रानी चेन्नम्मा को उनकी जयंती पर परमार्थ निकेतन से नमन। अंग्रेज़ी हुकूमत की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध उनका साहसिक संघर्ष भारत के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है।

मातृभूमि की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए उनका अडिग संकल्प भारतीय नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है। उनका पराक्रम और त्याग पीढ़ियों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
‘जाणता राजा’ महानाट्य के माध्यम से स्वराज्य, संस्कृति, साहस और राष्ट्रगौरव की उस चेतना को पुनः जागृत करने का एक अद्भुत प्रयास है। यह आयोजन इतिहास को स्मरण करने के साथ-साथ उससे प्रेरणा लेकर वर्तमान और भविष्य के भारत के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर भी है।
