Sunday, October 25, 2026
Uttarakhand

कुंभ-2027 के लिए हरिद्वार में 3 किलोमीटर से अधिक लंबाई में बन रहे नए घाट, दिन-रात निर्माण कार्य जारी

*कुंभ-2027 के लिए हरिद्वार में 3 किलोमीटर से अधिक लंबाई में बन रहे नए घाट, दिन-रात निर्माण कार्य जारी*

*गंग नहर बंदी की अवधि का उपयोग कर घाट निर्माण में तेजी, मेला प्रशासन विभिन्न स्तरों पर कर रहा निरंतर निगरानी*

*मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बीती रात घाट निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति का लिया जायजा*

*हरिद्वार।कुंभ मेला-2027 में श्रद्धालुओं को स्नान की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में नए घाटों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। कुंभ नगरी में विभिन्न स्थानों पर तीन किलोमीटर से अधिक लंबाई के नए घाट विकसित किए जा रहे हैं। गंग नहर बंदी की अवधि का उपयोग करते हुए मेला प्रशासन ने इन कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। घाटों पर दिन-रात निर्माण कार्य जारी हैं और कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा समयबद्धता की विभिन्न स्तरों पर निरंतर निगरानी की जा रही है।

निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मेला प्रशासन नियमित समीक्षा के साथ स्थलीय निरीक्षण भी कर रहा है। इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका तथा अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने बीती रात विभिन्न घाटों पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। कुंभ की तैयारियों के तहत घाटों के विस्तार को स्नान सुविधाओं में वृद्धि के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत सिंचाई विभाग के माध्यम से हरिद्वार से बहादराबाद के मध्य नौ घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। इन घाटों की कुल लंबाई 2,966 मीटर है। अपर गंग नहर के बाएं तट पर शहीद भगत सिंह घाट से सिंहद्वार के मध्य 321 मीटर लंबे कामधेनु घाट का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह अमरापुर घाट से ऋषिकुल पुल, शंकराचार्य चौक और तुलसी घाट क्षेत्र में कुल 770 मीटर लंबाई में घाट निर्माण के कार्य चल रहे हैं। ऋषिकुल पुल से साक्षी सतनाम घाट के बीच 735 मीटर लंबाई में भी निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना में जानकी घाट, लक्ष्मण घाट और भरत घाट के तीन हिस्से शामिल हैं। अपर गंग नहर के दाएं तट पर नगर निगम कार्यालय के निकट 275 मीटर लंबे घाट का निर्माण भी जारी है।

हरिद्वार के अन्य क्षेत्रों में भी स्नान घाटों का विस्तार किया जा रहा है। बैरागी कैंप क्षेत्र में स्केप चैनल पर 260 मीटर लंबे स्नान घाट का निर्माण कराया जा रहा है। खड़खड़ी के निकट 75 मीटर लंबे वेदनिकेतन घाट का निर्माण भी किया जा रहा है।

बहादराबाद क्षेत्र में बैरियर संख्या छह के निकट 200 मीटर लंबे छठ पूजा घाट का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, ज्वालापुर में जटवाड़ा पुल के अपस्ट्रीम क्षेत्र में 300 मीटर लंबे घाट और दुर्गा मंदिर के निकट 30 मीटर लंबे घाट का निर्माण भी प्रस्तावित कार्यों में शामिल है।

इसके अतिरिक्त, यूआईआईडीबी की हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास योजना के अंतर्गत सीसीआर भवन के निकट से धनुष पुल के मध्य 82 मीटर लंबे घाट का निर्माण कार्य भी जारी है।

कुंभ जैसे विशाल आयोजन में घाटों की पर्याप्त उपलब्धता श्रद्धालुओं को स्नान की सुविधा देने के साथ भीड़ के व्यवस्थित संचालन के लिए भी अहम है। विभिन्न क्षेत्रों में नए घाट विकसित होने से स्नान के लिए उपलब्ध स्थानों का विस्तार होगा। इससे प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का दबाव कम करने और अलग-अलग क्षेत्रों में भीड़ को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।

इन दिनों गंग नहर बंदी की अवधि में निर्माण कार्य युद्धस्तर चल रहे हैं। घाटों के निर्माण कार्य कों बड़े पैमाने पर श्रमिकों और मशीनों को जुटाया गया है। प्रत्येक घाट पर अलग-अलग अभियंताओं की तैनाती कर निर्माण कार्यों का तय समय के भीतर पूरा करने के लिए दिन-रात निर्माण कार्य जारी है। मेला प्रशासन का पूरा जोर इन सुविधाओं को समय से तैयार करने पर है, ताकि कुंभ-2027 के दौरान श्रद्धालुओं को अधिक सुगम और व्यवस्थित स्नान सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


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